Community post
तिरे ख़यालों से भी दूर जाने वाला हूँ
तिरे ख़यालों से भी दूर जाने वाला हूँ
मैं अपने सारे निशाँ ख़ुद मिटाने वाला हूँ
हज़ार बार बुलाने पे भी नहीं आए
तुम्हारे सामने मैं ख़ुद ही आने वाला हूँ
जिला के फेंक दिए हैं वो तेरे सारे ख़त
सवाल अपने में सारे जलाने वाला हूँ
किसी को ग़म ना मिले और सब रहें मिलकर
मैं ऐसी इक नई दुनिया बसाने वाला हूँ
ये बोझ दिल का बहुत दर्द दे रहा है मुझे
तुम्हारे राज़ों से पर्दा उठाने वाला हूँ
Replies (0)
Conversation
No replies yet
Replies will appear here as people join the conversation.